Thursday, May 23, 2024

गुरु शरणं गच्छामि:

प्रिय आत्मन्  

"शिक्षा" - अशिक्षित व्यक्ति हर जगह विकृति फैलाता है अतःजीवन में शिक्षा का महत्व आप सबसे छिपा नहीं है। किन्तु वर्तमान समय मे शिक्षा की ऐसी कोई पद्धति नही है जिससे व्यक्ति का सम्पूर्ण विकास हो सके । 

वर्तमान मे जो शिक्षा व्यवस्था है वह केवल व्यक्ति के बौद्धिक विकास को ही लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसके दुष्परिणाम वर्तमान मे हम सब को भुगतने पड़ रहे है ! 

क्या आप यह मेहसूस करते हैं कि आपके आस - पास के लोग या बच्चे आवश्यकता से अधिक तार्किक हो गये है। 

वर्तमान शिक्षा पद्धति व्यक्ति के चरित्र निर्माण में असफल है !  यह केवल व्यक्ति को भौतिक बादकी ओर ही धकेल रही है। यहां नैतिक ज्ञान बिल्कुल ही समाप्त हो चुका है ,
इसलिये दिनो-दिन समाज की हालत खराब होती जा है। यह हमारा दुर्भाग्य ही है कि आज हम ज्ञान और कर्म के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे।

आज समाज में लोग तमोगुणी मानसिकता के शिकार होते जा रहे है। इस कारण लोग इंद्रिय सुख तक ही सीमित हो गए हैं ! मित्थ्या ज्ञान, शिष्टाचार और संस्कार रहित जीवन, और अधिक कहना यहाँ व्यर्थ है। समझदार व्यक्ति मेरी बात जरूर समझेंगे !

तो आईये अब अपने मुख्य विषय पर आते हैं। 
- क्या कोई ऐसा स्थान होना चाहिये ? जहाँ व्यक्ति संस्कार और जिम्मेवारी सीख सके ? 
- क्या कोई ऐसा स्थान होना चाहिये ? जहाँ व्यक्ति का सम्पूर्ण विकास हो सके ?

- क्या कोई ऐसा विद्यालय होना चाहिये ? जहाँ बौद्धिक ज्ञान के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रो को ज्ञान दिया जाना चाहिये  ?

अपने जीवन में कोई भी कार्य करते रहिये किन्तु आपको यदि यह पता नहीं कि इस कार्य का उद्देश्य क्या है तो हमारा जीवन व्यर्थ है।

उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए  आप सबके लिए 11 घंटे का प्रारंभिक पाठ्यक्रम उपलब्ध  है , जिसका लाभ आप घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करके ले सकते हैं 

अच्छे गुरु प्राप्ति के लिए ईश्वर कृपा होनी चाहिए । ईश्वर कृपा के लिए निस्वार्थ कर्म करना आवश्यक है । जब भी जीवन में हम ऐसे कर्म करते हैं जिनके बदले में हम कुछ नहीं चाहते, ऐसे कार्यों से ईश्वर हमेशा प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा हम पर बनी रहती है।

👉वीडियो देखें 
👉 Please Copy and open this link 
https://youtu.be/l3ju-Nmeaa8?si=-9cmcMNzKV3Hw1lX


👉कार्यक्रम संबंधी सामान्य प्रश्न और उनके उत्तर

१- यह कार्यक्रम क्या है ? और इसका उद्देश्य क्या है ?
अपने पूर्ण विकास , सुखी और निश्चिंत जीवन जीने के लिए हमें बहुत से सूत्रों का ज्ञान होना आवश्यक है । यह कार्यक्रम आध्यात्मिक सूत्रों को समझने का बहुत ही सरल माध्यम है , और यह आध्यात्मिक ज्ञान पर आधारित एक व्यवस्थित पाठ्यक्रम है , जिसका मूल उद्देश्य मानव शरीर के महत्व को समझने से लेकर जीवन में सद्गुरु के महत्व को जानना और समझना है ।

२- इस कार्यक्रम की आवश्यकता क्यों है ? 
हमने देखा कि समाज में बहुत से गुरु हैं जिनके विषय भी अलग-अलग है एक आम आदमी इनमें उलझा ना जाए और सही ज्ञान प्राप्त करें । इसके लिए हमें आध्यात्मिक विषयों का प्रारंभिक ज्ञान आवश्यक है । इसी को समझने के लिए यह प्रारंभिक पाठ्यक्रम है ।

३- इस कार्यक्रम को पूर्ण करने से हमें क्या लाभ होगा ? 
यह कार्यक्रम केवल मानसिक और बौद्धिक रूप से स्पष्ट को प्राप्त करने के लिए है । किसी भी प्रकार का कोई भी भौतिक लाभ नहीं होगा । 

४- कार्यक्रम से जुड़ने की क्या योग्यता होनी चाहिए ? 
आपकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए । किसी भी विषय को विश्लेषण करने की बौद्धिक क्षमता अनिवार्य है हमारी बुद्धि इतनी विकसित होना चाहिए कि हम अपनी बात समझ सके और सत्संग या चर्चाओं में क्या बात कही जा रही है उसको समझ सके ।

५- कार्यक्रम का लाभ हम कहां से और कैसे ले सकते है ?
हमारे सभी कार्यक्रम ऑनलाइन उपलब्ध है जिनका लाभ आप आवेदन फॉर्म सबमिट करके ले सकते हैं ।

६- क्या कोई कार्यक्रम प्रयोगात्मक भी है ?
यह कार्यक्रम मात्रा आप सभी को प्रारंभिक जानकारी देने के उद्देश्य बनाया गया है ! यहां कोई प्रयोगात्मक कार्यक्रम नहीं है 

७- कार्यक्रम में शामिल होने का क्या शुल्क है ? 
नए साधकों के लिए मात्र १००१ /- रू , और जो हमारे ऑनलाइन राम नाम लेखन कार्यक्रम में शामिल हैं यदि उनके 21 लाख राम नाम लेखन या उससे ऊपर हो चुके हैं , वे सभी इस कार्यक्रम में निःशुल्क भाग ले सकते हैं ।

८- ज्ञानियों का कर्तव्य है कि सभी को निशुल्क ज्ञान बांटे, आपने कार्यक्रम में शामिल होने का शुल्क क्यों रखा है ?
यह बात पूरी तरह सही नहीं है, मूल ज्ञान तो निशुल्क ही है, यदि आपको समझ में आए तो आप सीधा ले सकते हैं। 
लेकिन हमारा अब तक का यह अनुभव रहा है कि निशुल्क ज्ञान से आज तक कोई लाभ नहीं ले पाया, इसलिए ऐसा शुल्क रखा गया जो सबके बजट में रहे । 
इसके साथ ही जो हमारे राम नाम लेखन कार्यक्रम में शामिल पुराने साधक है , वह इसमें निशुल्क भाग ले सकते हैं ।

आवेदन करने से पूर्व दी गयी प्रश्नोत्तरी को पूर्ण करना अनिवार्य है । यदि इसमें आपके 50% या 50% से अधिक नंबर आते हैं तभी आप कार्यक्रम के लिए आवेदन कर पाएंगे ।
👉 आवेदन फॉर्म भरें 
👉 Please Copy and open this link 
https://quizzory.in/id/6644a46367ec9f79d80432ff

👉यदि आपका कार्यक्रम संबंधी और कोई प्रश्न हो तो मुझे व्हाट्सएप करें । 9752420899

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 11 घंटे का कोर्स आप सबके लिए उपलब्ध है ! 

१- मानव शरीर 
२- गृहस्थ जीवन 
३- बुद्धि 
४- नियम 
५- धर्म 
६- कर्म 
७- दुख
८-सत्संग 
९-साधक 
१०- कृपा 
११- गुरु 
यदि आपको उपरोक्त विषयों का महत्व ४ प्रश्नो ( क्या , क्यों , लाभ , हानि, ) अतर्गत ज्ञात नहीं है , तो यह पाठ्यक्रम आपके लिए उपयोगी रहेगा ।

No comments:

Post a Comment

वर्तमान समय की सबसे बड़ी समस्या: दोषारोपण की प्रवृत्ति

प्रणाम मित्रो वर्तमान समय में मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह अपने जीवन में उत्पन्न होने वाली अधिकांश समस्याओं और विकृतियों के लिए स्...