प्रिय आत्मन्
हमारे जीवन में यदि किसी भी चीज का क्रम ठीक प्रकार से हो , तो हमें सफलता बहुत ही आसानी से मिल जाती है । अन्यथा जीवन भ भटकने के सिवा हमारे हाथ कुछ नहीं लगता । अतः साधना इसी क्रम में अनिवार्य है ।
१- गुरु भक्ति - सबसे पहले गुरु मंत्र का अनुष्ठान अवश्य करें
२- कुंडली शोधन - सवा करोड़ गुरु मंत्र के जप से कुंडली का एक भाव शोधित होता है इस प्रकार 150 करोड़ मंत्र जप से कुंडली के 12 भाव शोधित होंगे । इसके लिए गुरु मंत्र का 150 करोड़ विधि वत
जप होना चाहिए ।
३- विष्णु उपासना - मुक्ति के लिए विष्णु उपासना अनिवार्य है ! अतः उनकी भक्ति करते हुए गुरु निर्देश के अनुसार विष्णु उपासना करनी चाहिए ।
४- शिव उपासना- मुक्ति के ज्ञान के लिए शिव उपासना अनिवार्य है अतः गुरु निर्देशानुसार शिव की भक्ति करते हुए उनकी उपासना करनी चाहिए ।
५- द्वैत का ज्ञान - आगे की यात्रा के लिए शिव और शक्ति दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है , तभी हम आगे की यात्रा करने में सक्षम हो पाएंगे ।
६- शक्ति उपासना - माया को विस्तार से जानने समझने के लिए शक्ति उपासना अनिवार्य है अतः गुरु निर्देशानुसार शक्ति की भक्ति करते हुए उनकी उपासना करनी चाहिए ।
No comments:
Post a Comment