*समाज में ज्ञान के प्रकार*
*1- स्वयं के पेट भरने का ज्ञान-* _जैसा कि हम अक्सर देखते हैं यह गुण ज्यादातर पशुओं में ही पाया जाता है किंतु कभी-कभी यह भी देखा गया है कि कुछ मनुष्यों में भी यह गुण पाए जाते हैं ।_
*2-स्वयं की इच्छा पूर्ति का ज्ञान-* _ऊपर लिखे पहले गुण के साथ-साथ हमें अपनी इच्छा पूर्ति कैसे करनी है यह गुण भी इस स्तर के मनुष्यों में पाया जाता है । इस स्तर के लोग इच्छा पूर्ति के लिए सही गलत में भेद नहीं करते । यह समाज में किसी की कोई फिक्र नहीं करते और अपनी इच्छाओं को ही अधिक महत्व देते हैं ।_
*3-समाज व्यवहारिकता एवं रिश्तेदारी निभाने का ज्ञान -* _इस स्तर पर लोगों की मानसिक स्थिति में बहुत बदलाव आ जाता है , यह अपनी जाति समाज और मित्र जनों के साथ कैसा व्यवहार करना है यह सीख लेते हैं और उसी के अनुसार कार्य करते हैं ।_
*4-मुक्ति का ज्ञान-* _संसार की भीड़ से हटकर कुछ महापुरुष ऐसे भी होते हैं जो इस विषय का ज्ञान रखते हैं और उनसे विनय पूर्वक पूछने पर वह समाज कल्याण के लिए यह ज्ञान लोगों में भी बांटते हैं ।_
*5-ज्ञान से भी मुक्ति-* _इन्हें हम मुक्त पुरुष भी कह सकते हैं, यह बालवत रहते हैं अर्थात इनका स्वभाव एक अबोध बालक की तरह होता है । यह सभी प्रकार के ज्ञान अज्ञान से मुक्त रहते हैं । इनको समझ पाना हर संसारी व्यक्ति के लिए संभव नहीं है ।_
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