Saturday, October 27, 2018

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👉जन्म कुंडली के बिना ऐसे जान सकते हैं आपके ग्रहों का हाल
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यूं तो जन्म कुंडली द्वारा व्यक्ति के जीवन में हर ग्रह के प्रभाव और दुष्प्रभाव के बारे में जाना जा सकता है लेकिन एक अच्छा ज्योतिष केवल व्यक्ति के हाव-भाव, उठने-बैठने, बोलने आदि से ही उसके अच्छे बुरे ग्रहों के बारे में बिना कुंडली के ही सबकुछ बता सकता है। हालांकि इसके लिए लंबे विशलेषण और रिसर्च की भी अावश्यक्ता है लेकिन फिर भी मैं आज आप सबको कुछ ऐसे लक्षण बताने वाला हुं जिसके बाद आप भी सामने वाले को देख कर बता दोगे कि उसका कौनसा ग्रह उसके लिए कैसा फल दे रहा है। ग्रहों की मुख्य तौर पर दो ही स्थितियां होती हैं कारक या मारक, इसे और भी आसान करते हुए यहां मैं आपको ग्रहों के पॉजीटिव होने और पीडित होने के बारे में बताउंगा कि यदि कोई ग्रह कुंडली में पाजीटिव फल देने वाला है तो व्यक्ति में उसके क्या लक्ष्ण दिखेंगे और पीडित हैं तो कैसे पता लगेगा। तो आइए जानते हैं :

👉पॉजीटिव सूर्य:

व्यक्ति के व्यक्तित्व का आकर्षण या ओरा प्रभावशाली होता है, चेहरा उठा हुआ रहता है, प्रसिद्ध होता है, विवादों आदि में सदैव विजयी रहता है, मस्तक चमकदार होता है, व्यक्ति राजा की तरह बैठता है, लीडर की तरह बोलता है, दूसरे उसका सम्मान करते हैं, नजर अच्छी होती है।

👉पीडित सूर्य :

चेहरा निस्तेज रहेगा, जल्दी बिमार हो जाएगा, नजर कमजोर होगी, सम्मान नहीं मिलता, अपनी ताकत का दुरूपयोग करेगा, गलत कार्यों के लिए प्रसिद्ध हो जाएगा।
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👉पाजीटिव चंद्र :

व्यक्तित्व सुंदर होगा, शालीनता होगी, भावनात्मक रूप से संपन्न होगा, व्यंजन बनाना व खाना दोनों पसंद होगा, मुस्कान हमेंशा बनी रहेगी, सबको स्नेह देगा, दूसरों की केयर करेगा, आंखे विशेष सुंदर होंगी, लोगों का पसंदीदा होगा।

👉पीडित चंद्र :

असुरक्षा का एहसास, डिप्रैशन, धोखा देना, अच्छा भोजन न खा पाना, जरूरत से ज्यादा चिपकू किस्म का होना, महिलाओं से जुड़ाव नहीं होगा, मानसिक तनाव या बिमारी भी हाे सकती है, कन्फ्यूजन रहेगा, दूसरों पर आरोप लगाता रहेगा, हमेंशा शिकायत करना इनका स्वभाव होता है।
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👉पॉजिटिव मंगल :

शारिरीक रूप से हष्ट पुष्ट बनाता है, चुस्ती फूर्ती देता है, रोमांच पसंद होता है, शारीरिक श्रम से जुडे हर कार्य में निपुन्न होता है, टैक्नॉलाजी में निपुन्न होता है, ऐ व्यक्तियों को सुबह जल्दी उठ कर कसरत, योगा आदि करना पसंद होता है, सीना फूला रहता है।

👉पीडित मंगल :

व्यक्ति झगड़ालु होता है, हिंसक हो जाता है, वाहन को तेज गति से चलाएगा, न बर्दाश्त नहीं होती ऐसे लोगों को, चेहरे या शरीर पर चोट के निशान होंगे, दांत खराब होंगे।
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👉पॉजीटिव बुध :

जिसका बुध उसकी कुँडली में अच्छा होगा वह व्यक्ति बोलते समय हाथों का इस्तेमाल करेगा, दोस्तों का दायरा बड़ा होगा, अच्छा कॉमेडियन होगा, उम्र से छोटा दिखेगा, बचपना चेहरे से झलकेगा, आंकलन करने की क्षमता अच्छी होगी, अच्छा वक्ता होगा, स्मरण शक्ति कमाल की होगी।

👉पीडित बुध :

बोलने में समस्या होगी, बोलते बोलते भूलना-अटकना, त्वचा खराब होना, लाभ-हानि देखकर संबंध बनाएगा, लोगों द्वारा स्वार्थ के लिए यूज हो जाएगा, आचरण कमजोर होगा।
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👉पॉजीटिव गुरू :

शरीर की चर्बी समानानुपात में होगी, मोटा भी हुआ तो भी अच्छा लगेगा, समझदारी से निर्णय लेने वाला, सच का साथ देने वाला, धार्मिक होगा, दूसरों को आगे लाने में प्रयास करेगा, नाक सुंदर होगी, आदरणीय रहेगा, अध्यापक जैसा भाव होगा।

👉पीडित गुरू :

नाक का आकार विकृत होगा, स्वार्थी होगा, बेवजह सलाह देगा, वजन बेढबा बढेगा, नकली बाबा-साधुओं, ज्योतिषियों द्वारा ऐसे लोग ठगे जाते हैं, अपना सही ज्ञान नहीं व्यक्त कर पाएगा।
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👉पॉजीटिव शुक्र:

ऐसे लोगों के पास कपड़ों का अच्छा खासा संग्रह होता है, हर उम्र में आकर्षक दिखते हैं, स्टाईलिश होते हैं, अपनी लुक्स से एक्सपेरीमेंटस करते रहते हैं, इनके गाल बहुत साफ और सुंदर होते हैं, इत्र आदि का शौंक होता है, विशेष आकर्षण इनके चेहरे और मुस्कान में होता है।

👉पीडित शुक्र:

चेहरा सुंदर नहीं होता, ऐसे लोग चुभने वाली बातें करते हैं, स्त्री पक्ष से विशेष लाभ नहीं मिलता, महिलाओं से बेइज्जती मिलती है, जितना मर्जी सज संवर लें बुरे ही दिखते हैं।
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👉पॉजीटिव शनि :

ऐसे लोग गंभीर दिखते हैं, ताेल मोल करके कार्य करते हैं, इमोश्न्स छुपाने में सक्षम होते हैं, खेलों में अच्छे होते हैं और विवाद निपटाने में सक्षम होते हैं, स्पष्ट निश्चय होता है, जिम्मेवार व्यक्ति होते हैं।

👉पीडित शनि :

ऐसे लोगों के कपडे कभी फिट नहीं होते, दाड़ी और बाल बडे और अव्यवस्थित होते हैं, जिम्मेवारी नहीं निभा पाते, कंधे झुके हुए होते हैं, नाकारात्मक सोच होती है, जूते-चप्पल जल्दी टूट जाते हैं।

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