👉 मैं करवाचौथ पर.. व्रत क्यों रखूंगी ?...
.
.
.
क्योंकि. यह मेरा तरीका है ~ आभार व्यक्त करने का.. उसके प्रति जो.. मेरे लिए सब कुछ करता है।
मैं व्रत करूंगी बिना किसी पूर्वाग्रह के , अपनी ख़ुशी से..!!
👉अन्न जल त्याग क्यों ?
क्योंकि.. मेरे लिए यह रिश्ता.. अन्न जल जैसी बहुत महत्वपूर्ण वस्तु से भी.. ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
👉सजना सवरना क्यों ?
इसी बहाने.. मेरे भूले हुए गहने.. साल में एक बार.. बाहर आते हैं। मंगलसूत्र , गर्व और निष्ठा से पहना जाता है। मेरे जीवन में मेहँदी , सिन्दूर ,चूड़ियां उनके आने से है , तो यह सब.. मेरे लिए अमूल्य है। यह सब हमारे भव्य संस्कारों और संस्कृति का हिस्सा हैं। शास्त्र दुल्हन के लिए सोलह सिंगार की बात करते हैं। इस दिन सोलह सिंगार करके.. एक बार फिर से.. दुल्हन बन जाईये। विवाहित जीवन फिर से खिल उठेगा।
👉फिर.. कथा क्यों ? और.. वही एक कथा.. क्यों ?
एक आम जीव और एक दिव्य चरित्र देखिये कैसे इस कथा में एक हो जाते हैं। पुराना भोलापन कैसे फिर से बोला और पढ़ा जाता है , इसमें तर्क से अधिक.. आप परंपरा के समक्ष सर झुकाती हैं।
👉तो क्या.. मेरे पति को भी.. व्रत करना चाहिए ?
यह उनकी इच्छा है !वैसे वो तो मुझे भी मना करते हैं। या खुद भी रखना चाहते हैं ..मगर यह मेरा दिन है और सिर्फ मुझे ही वो.. लाड़ चाहिए।
👉भूख , प्यास कैसे नियंत्रित करोगी ?
कभी करके देखो क्या सुख मिलता है ? कैसे आप पूरे खाली होकर फिर भरते हो इसका मज़ा वही जानता है , जिसने किया हो।
👉चन्द्रमा की.. प्रतीक्षा क्यों ?
असल में यही एक रात है ! जब मैं प्रकृति को.. पूरे आनन्द के साथ.. अनुभव करती हूँ।
हमारी भागती ज़िन्दगी में.. कब समय मिलता है कि.. चन्द्रमा को देखूं ? इस दिन समझ आता है कि चाँद सी.. सुन्दर क्यों कहा गया था ?? 👍
सभी को.. करवाचौथ की अग्रिम शुभकामनायें। आपका विवाहित जीवन आपकी आत्मा को पोषित करे और.. आपके जीवनसाथी का विचार.. आपके मुख पर.. सदैव मीठी मुस्कान लाये।अपने पति के लिए.. स्वास्थय एवं लम्बी आयु की कामना अवश्य करें।
👉याद रखें यह देश सावित्री जैसी देवियों का है , जो.. मृत्यु से भी.. अपने पति को खींच लायी थी ,!!,,,,,,,,,,,,
👉कुतर्कों पर मत जाईये अपनी परंपरा निभाईये और अपने अंदर की श्रद्धा को जगाईये !
🌹🙏🌹👍
No comments:
Post a Comment