प्रिय आत्मन्
जब भी हम चेतना की अवस्था में किसी से कोई भी रिश्ता बनाएं तो हमें सबसे पहले यह ध्यान देना अनिवार्य है कि हमारे किसी भी रिश्ते का आधार क्या है ?
१ - प्रेम
२ - धर्म
३ - अनुवांशिकता (DNA )
४ - इच्छा
५ - आवश्यकता
६ - सजातीय गुण
७ - मित्रता
८- समझौता
९- भौतिक सुखों की लालसा
१०- या कोई जबरदस्ती थोपा गया रिश्ता ।
किसी से जुड़ने से पहले स्वयं जांचे कि -
१- क्या हमारे विचार एक समान हैं ?
२- क्या हमारे गुण एक समान है ?
३- क्या हमारी पसंद एक समान है ?
४- क्या हमारी चर्चाओं के विषय एक समान है ?
५- क्या हमारी दिनचर्या एक समान है ?
६- क्या हमारा कार्य क्षेत्र एक है ?
इसी आधार पर रिश्तो के मजबूत होने की संभावना रहती है । ध्यान दें कि रिश्ता वही मान्य होता है जो दोनों ओर से स्वीकार किया जाए । और जिन रिश्तों का आधार प्रेम और समर्पण हो वह रिस्ते कभी नहीं टूटते ।
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