Thursday, April 3, 2025

Jagrati

प्रिय आत्मन् 

आपके जन्म विवरण अनुसार यदि आपका परिचय सिर्फ़ एक शब्द में देना हो तो कह सकते हैं कि आप “खोजी” हैं, क्योंकि आप जिज्ञासा-प्रधान स्वभाव के हैं। आध्यात्मिक, मानसिक या भावनात्मक स्तर पर नित नयी खोज और अनुभव पाने के लिए आप हमेशा तैयार रहते हैं। अपने ज्ञान व अनुभव को बढ़ाना ही आपका एकमात्र लक्ष्य है। आप तीक्ष्ण बुद्धि और विविध विषयों को शीघ्र समझने वाले हैं। आपका व्यवहार विनम्र, शिष्ट, हँसमुख, मिलनसार व उत्साही है। 

आप खुले विचार और अधिक जिज्ञासु प्रवृति के होते हैं। आपने शायद ही कभी किसी लक्ष्य पर गहराई से सोचा हो और हर प्रकार के षड़यंत्रों से आप दूर रहते है। साथ ही आप स्वयं पर नियंत्रण नहीं रख पाते है।

आपको लोगों से मिलना और उनकी मदद करना सुख व संतोष देता है। सिद्धांतवादी और साधारण जीवन जीना आपको बहुत भाता है और आपके विचार भी निष्पक्ष और निष्कपट होते हैं। आप जीवन का भरपूर आनंद उठाना चाहते हैं और बेकार की बहस या निरर्थक बातों को कोई महत्व नहीं देते हैं।

आपको अपने मित्रों, भागीदारों और सम्बन्धियों से व्यवहार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि अक्सर लोगों से आपको धोखा ही मिलता है। आपमें नेतृत्व या पहल करने और समस्याओं से निपटने की विशेष योग्यता है।

आप किसी एक विचार पर स्थिर नहीं रह पाते है और जल्द ही अपने कामों से ऊब जाते है। यही कारण है की आप लम्बे समय तक किसी एक मसले पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते है। आप लोगों में अपने फायदे के लिए दूसरों को इस्तेमाल करने की प्रवृति भी पाई जाती है। चूंकि आपका मन लगातार बदलता रहता है इसलिए आप पर भरोसा करना खतरनाक होता है। आप लोग बौद्धिक बातों को अधिक महत्व देते हैं, आपके लिए संचार का काफी महत्व होता है। आप जब किसी एक मुद्दे पर निर्णय लेते है तो अगले ही क्षण उसे बदल देते हैं। 

आप काफी सावधानी से अपने दोस्तों का चयन करते हैं। तथा आप झूठ बोलना पसंद नहीं करते हैं हालांकि आपको आसानी से मनाया जा सकता है।

स्वास्थ्य - आपमें कभी कभी घबराहट,निराशावाद,दब्बूपन और अधीरता की प्रवृति आ सकती है। तथा क्षय रोग,दमा और एनीमिया जैसे रोग आपकी समस्याएं बन सकते है। साथ ही तंत्रिका तंत्र और श्‍वांस से संबंधित, खासकर सुनने की समस्या आप पर प्रभावी हो सकती है। श्‍वांस संबंधी समस्या और कई तरह की घबराहट की समस्या आपको आमतौर पर दिक्कत दे सकती है। इसके अलावा जीवन में ग्रीवा कशेरुक,निचले जबड़े, दांत,ठोड़ी और तालु की समस्याएं होने की संभावनाएं भी बनती है। गुर्दे,गुप्तांग, मूत्राशय,गर्दन और गले में होने वाले रोगों से आपको सतर्क रहना चाहिए।

शिक्षा और आय : आप अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे और लोगों को धन का कहाँ और कैसे प्रयोग करना चाहिए–इसकी सलाह भी ख़ूब देंग। लेकिन स्वयं अपने ख़र्चों पर नियत्रंण रखना आपके लिए मुश्किल होगा। कभी-कभी आप ख़ुद को आर्थिक संघर्षों से घिरा हुआ पायेंगे। आप अच्छे गायक व संगीतज्ञ, चित्रकार, कवि, भाषाविद, रोमांटिक उपन्यासकार, लेखक या विचारक साबित हो सकते हैं। भूमि-भवन, सड़क या पुल-निर्माण, यंत्र व उपकरण निर्माण, कपड़ा या वस्त्र उद्योग से जुड़े विभिन्न कार्य, फ़ैशन डिज़ाइनिंग, पशुपालन या पशुओं से जुड़ी वस्तुओं को बेचना, के माध्यम से धन कमा सकते हैं ।

पारिवारिक जीवन : आपका वैवाहिक जीवन सामान्यत: सुखी बीतेगा, लेकिन पत्नी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ रह सकती हैं। दाम्पत्य जीवन का पूर्ण सुख लेने के लिए आपको हठी और संशयपूर्ण स्वभाव से हमेशा बचना चाहिए। आपके पारिवारिक जीवन में अनुकूलता धीरे-धीरे आयेगी–यदि पति-पत्नी एक दूसरे के दोष व दुर्बलताओं की अनदेखी करना सीख लें तो आप शिव-पार्वती सरीखे श्रेष्ठ युगल साबित हो सकते हैं। 32 वर्ष की आयु तक आपको जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उसके बाद से जीवन में स्थिरता व संतोष की स्थिति आ जायेगी और 33 वर्ष से 50 वर्ष की आयु का समय आपके लिए सफल व अनुकूल साबित होगा।

मंगल दोष -: आपकी कुण्डली में मंगल लग्न से चतुर्थ भाव में है।अत: मंगल दोष लग्न कुण्डली में उपस्थित है । मंगल दोष वैवाहिक जीवन में समस्याएँ खड़ी करता है।

उपाय (विवाह से पहले किए जाने चाहिए)-

अपने वजन के बराबर या उसका दसवां भाग लाल साबुत मसूर धर्म स्थान में दान करें ।

उपाय (विवाह पश्चात् भी किए जा सकते हैं।)

  • केसरिया गणपति अपने पूजा गृह में रखें एवं रोज़ उनकी पूजा करें।
  • बरगद के पेड़ की पूजा मीठे दूध से करें।
👉Ishwa संदेश 

https://guruplusmerafree.blogspot.com/2024/11/blog-post_9.html

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