प्रिय आत्मन्
आपके दिये हुए जन्म विवरण के अनुसार आपका व्यक्तित्व चुंबकीय और आकर्षक है तथा आपके चेहरे पर सदैव एक मुस्कान छाई रहती है। अगर आप किसी को मुस्कुराकर देख लें तो वह सब कुछ छोड़कर आपका ग़ुलाम बन जाता है। सभी के साथ आपका व्यवहार सम रहता है यानी आप ऊँच-नीच का कोई भेदभाव नहीं करते हैं। आपके माथे पर कोई निशान जरूर होता है। अधिकांशतया आपकी नसें स्पष्ट दिखने वाली होती है और आपके शरीर पर चोटों के निशान पाए जाते हैं।
दूसरों को कष्ट देना व कष्ट में देखना आपको पसंद नहीं है। जब भी आपको क्रोध आता है तो वह क्षणिक होता है। आपको अपने क्रोध पर हमेशा नियंत्रण रखना चाहिए। हालाँकि अगर आप अधिक शिक्षा नहीं भी प्राप्त करते तो भी आपका ज्ञान विभिन्न विषयों के बारे में किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति के समान ही होता है।
आलस्य का आपके जीवन में कोई महत्व नहीं है। जब आप किसी काम को करने की ठान लेते हैं तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। असफलता हाथ लगने पर भी आप निराश नहीं होते हैं। आपको हवाई क़िले बनाना पसंद नहीं है यानी आप यथार्थ और सच में विश्वास रखते हैं। अध्यात्म, दर्शन एवं रहस्यमयी विद्याओं में आप गहरी रुचि रखते हैं। आपकी प्रवृत्ति त्याग की ओर है तथा आप दान देने में विश्वास रखते हैं। आपकी प्रौढ़ावस्था सुख एवं आनन्द से व्यतीत होगी।
स्वास्थ्य - उतावलापन और शारीरिक समर्पण के कारण दुर्घटना और शारीरिक चोटो की संभावना भी आपके साथ बनी रहती है। आपको उच्च रक्तचाप आदि जैसे रोगों के प्रति सावधान रहना चाहिए।
शिक्षा और आय : आपकी शिक्षा अच्छी रहेगी और अनेक विषयों का भी आपको ज्ञान होगा। आप ध्यान व योग विशेषज्ञ, रोग निदान व चिकित्सा विशेषज्ञ, सलाहकार, आध्यात्मिक गुरु, तपस्वी, योगी, दिव्य पुरुष, दान संस्था से जुड़े कार्य, शोधकर्ता, दार्शनिक, कवि, लेखक, संगीतज्ञ, कलाकार, दुकानदार, सरकारी कर्मचारी, इतिहासकार, सुरक्षाकर्मी आदि कार्य करके सफल हो सकते हैं।
व्यवसाय-: ऐसे कार्यक्षेत्र जहां पर निरन्तर एक जैसा कार्य करना पड़ता है, उनसे आपको बचना चाहिए। ऐसे कार्यक्षेत्र आपके लिये उपयुक्त नहीं हैं।
पारिवारिक जीवन : आप अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर जीवनयापन करेंगे। संभव है कि पिता से आपको ज़्यादा लाभ प्राप्त न हो और आपको बचपन में कुछ उपेक्षा महसूस हो। आपका वैवाहिक जीवन मध्यम होगा। आपकी संतान ही आपकी असली पूंजी होगी। विवाह के बाद आपका असली भाग्योदय होगा। आपकी संतान आज्ञाकारी, समझदार व बड़ों का आदर करने वाली होगी।
मंगल दोष - लग्न कुण्डली और चंद्र कुण्डली में उपस्थित है।
उपाय (विवाह से पहले किए जाने चाहिए)
उपाय (विवाह से पहले किए जाने चाहिए)-
अपने वजन के बराबर या उसका दसवां भाग लाल साबुत मसूर धर्म स्थान में दान करें ।
उपाय (विवाह पश्चात् भी किए जा सकते हैं।)
- केसरिया गणपति अपने पूजा गृह में रखें एवं रोज़ उनकी पूजा करें।
- बरगद के पेड़ की पूजा मीठे दूध से करें।
👉Ishwa संदेश
https://guruplusmerafree.blogspot.com/2024/11/blog-post_9.html
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