Sunday, December 22, 2024

ghanshyam koli


राहु विचार- ( 20/01/2034 तक ) - आपकी कुण्डली में राहु मीन राशि में स्थित है। राहु पहले घर में स्थित है। राहु की दृष्टि पांचवें, सातवें, नौवें घर पर है। केतु की पूर्ण दृष्टि राहु पर है।यहां स्थित राहू आपके कद को ऊंचा बनाता है। आपका शरीर कभी रोगी तो कभी निरोगी रहता है। आपको धन की कमी नहीं रहेगी। कहीं न कहीं से किसी न किसी माध्यम से आपको धन की प्राप्ति होती रहेगी। आप दूसरे के धन अपने लिए प्रयोग करेंगे साथ ही उसी धन से दूसरों को भी लाभ पहुंचाना चाहेंगे।

👉गले में चांदी की चैन अवश्य पहनें।

गुरु विचार- ( 20/01/2050 )- आपकी कुण्डली में गुरु वृषभ राशि में स्थित है, जो की गुरु की शत्रु राशि है। गुरु दसवें, पहले घर का स्वामी होकर आपकी कुण्डली में तीसरे घर में स्थित है। गुरु की दृष्टि सातवें, नौवें, ग्यारहवें घर पर है। बुध , केतु की पूर्ण दृष्टि गुरु पर है। आप जिस काम का संकल्प करते उसे पूरा करके ही छोडना चाहते हैं और आपको आपके काम में आपको सफलता भी मिलती है। तीसरे भाव के बृहस्पति के कारण आपको कंजूसी करते हुए देखा जाएगा। भूख न लगने के कारण शरीर दुर्बल हो सकता है। 

👉देवी दुर्गा की पूजा करें और कन्याओं अर्थात छोटी लड़कियों को मिठाई और फल देते हुए उनके पैर छू कर उनका आशीर्वाद लें। चापलूसों से दूर रहें।

शनि विचार- ( 20/01/2069 )- आपकी कुण्डली में शनि कुंभ राशि में स्थित है, जो की शनि की स्‍व-राशि है। शनि ग्यारहवें, बारहवें घर का स्वामी होकर आपकी कुण्डली में बारहवें घर में स्थित है। शनि की दृष्टि दूसरे, छठें, नौवें घर पर है। मंगल की पूर्ण दृष्टि शनि पर है।यहां स्थित शनि आपको एकांतप्रिय बनाता है। आपको मांस मदिरा के सेवन न करने और कुसंगति से बचने की सलाह दी जाती है। आपको नेत्ररोग, उन्माद या रक्तविकार की परेशानी रह सकती है। फिजूलखर्ची न करें। स्वजनों से प्रेम करें और धन संग्रह करने के लिए सदैव प्रयासरत रहें जो जीवन में बडी तरक्की भी मिल सकती है।

👉 किसी काले कपड़े में बारह बादाम बांधकर उसे किसी लोहे के बर्तन में भरकर किसी अंधेरे कमरे में रखने से अच्छे परिणाम मिलेंगे।

बुध विचार- ( 20/01/2086 )-आपकी कुण्डली में बुध वृश्चिक राशि में स्थित है, जो की बुध की सम-राशि है। बुध चौथे, सातवें घर का स्वामी होकर आपकी कुण्डली में नौवें घर में स्थित है। बुध की दृष्टि तीसरे घर पर है। गुरु , शनि , राहु की पूर्ण दृष्टि बुध पर है। आप एक जिज्ञासु व्यक्ति हैं और दान पुण्य करने में भी आपकी अच्छी रुचि होगी।आप विभिन्न प्रकार के सुखों का उपभोग करेंगे। आप हमेशा किसी न किसी शोध में या नई चीजों की खोज में लगे रहने वाले व्यक्ति हैं। आप समाज में या अपने परिवार में राजा के समान सम्मानित व्यक्ति होंगे।आपकी उम्र के उन्तीसवें वर्ष में आपकी माता को कष्ट हो सकता है। 

👉हरे रंग के प्रयोग से बचें। किसी साधु बाबा या फ़क़ीर के चक्करों में ना पड़े ।

केतु विचार- ( 20/01/2093 )- आपकी कुण्डली में केतु कन्या राशि में स्थित है। केतु सातवें घर में स्थित है। केतु की दृष्टि ग्यारहवें, पहले, तीसरे घर पर है। गुरु , राहु की पूर्ण दृष्टि केतु पर है।यहां स्थित केतू को केवल आर्थिक मामलों के लिए कुछ हद तक अच्छा माना गया है। अत: आपको धन का उत्तम सुख मिल सकता है, कई मामलों में आपका धन बेकार में नष्ट हो जाएगा। आपको आर्थिक चिंता रह सकती है। पिता के द्वारा संचित धन जल्दी नष्ट हो जाता है। शत्रुओं का भय रहता है और शत्रुओं के द्वारा धन हानि भी होती है। सरकार से भी भय बना रहता है। वात रोग, अंतडियों के रोग और वीर्य संबंधी रोग हो सकते हैं। आपको जल के माध्यम से भी भय बना रहेगा।

👉 झूठे वादे, घमंड और गाली देने से बचे। शुद्ध केसर का तिलक लगाएं।

शुक्र विचार- ( 20/01/2113 )- आपकी कुण्डली में शुक्र मकर राशि में स्थित है, जो की शुक्र की मित्र राशि है। शुक्र तीसरे, आठवें घर का स्वामी होकर आपकी कुण्डली में ग्यारहवें घर में स्थित है। शुक्र की दृष्टि पांचवें घर पर है। मंगल , गुरु , केतु की पूर्ण दृष्टि शुक्र पर है। यहां स्थित शुक्र आपको विभिन्न शुभ परिणाम देगा। आपका स्वरूप आकर्षक और शरीर निरोगी होगा। आप गुणवान और अच्छे स्वाभाव वाले व्यक्ति हैं। आप अत्यंत सुशील और परोपकारी हैं। आपको विभिन्न प्रकार के वाहनों का सुख मिलेगा। इमारतें बनवाने का काम भी आपको लाभ दे सकता है। विवाह के माध्यम से भी आपको लाभ मिलेगा।

👉शनिवार को तेल का दान करें।

सूर्य विचार- ( 20/01/2119 )- आपकी कुण्डली में सूर्य धनु राशि में स्थित है, जो की सूर्य की मित्र राशि है। सूर्य छठें, घर का स्वामी होकर आपकी कुण्डली में दसवें घर में बहुत ही कमजोर स्थिति में विद्यमान है, उनकी मजबूती के लिए सूर्योपासना अवश्य करें। सूर्य की दृष्टि चौथे घर पर है। चंद्र की पूर्ण दृष्टि सूर्य पर है। यहां स्थित सूर्य आपको कुछ नकारात्मक भी देगा। यदि आप अपने मस्तिष्क में नकारात्मक विचारों को आने देंगे तो आपकी माता को कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। बाइस वर्ष की उम्र से लेकर सत्तर वर्ष की उम्र के बीच आप जीवन के सम्पूर्ण ऐश्वर्य को भोग लेंगे।

👉 जीवन में कष्ट और परेशानियों से बचने के लिए कभी भी काले और नीले कपड़े न पहनें। मांस मदिरा के सेवन से बचें। सूर्य उपासना आवश्यक करें ।

चंद्र विचार - ( 20/01/2129 )- आपकी कुण्डली में चंद्र मिथुन राशि में स्थित है, जो की चंद्र की मित्र राशि है। चंद्र पांचवें, घर का स्वामी होकर आपकी कुण्डली में चौथे घर में स्थित है। चंद्र की दृष्टि दसवें घर पर है। सूर्य की पूर्ण दृष्टि चंद्र पर है। यहां बैठा चन्द्रमा इस बात का संकेतक है कि आप अपनी माता और परिवार से आत्मिक लगाव रखते हैं। आपको अराम, अच्छे वाहन, अच्छे मित्र और अचल सम्पत्ति की प्राप्ति के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पडेगी। 

👉अधिक खर्च, अधिक आय। अपने दादाजी के साथ पूजा स्थान में अवश्य जाएं। 

मंगल विचार- ( 20/01/2136 ) - आपकी कुण्डली में मंगल कर्क राशि में स्थित है, जो की मंगल की नीच राशि है। मंगल दूसरे, नौवें घर का स्वामी होकर आपकी कुण्डली में पांचवें घर में स्थित है। मंगल की दृष्टि आठवें, ग्यारहवें, बारहवें घर पर है। शुक्र , राहु की पूर्ण दृष्टि मंगल पर है।पांचवे भाव में स्थित मंगल आपमें चंचलता देने के साथ-साथ आपको बुद्धिमान बनाता है लेकिन आपके स्वभाव में उग्रता जल्द ही आ जाती है। यदि आप कुसंगति के स्वयं को नहीं बचाएंगे तो आप भी व्यसनी हो जाएंगे। छल कपट से दूर रहना भी आपके लिए हितकर होगा। आपको पेट से सम्बंधित परेशानियां भी समय-समय पर परेशान कर सकती है अत: खान-पान पर संयम रखना जरूरी होगा। आपको जिम जाना अथवा व्यायाम करना बहुत पसंद होगा।

👉अपना नैतिक चरित्र अच्छा बनाए रखें। अपने पूर्वजों की श्राद्ध अवश्य करें ।


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