प्रणाम मित्रों 🙏
समाज में दो प्रकार के लोग पाए जाते हैं- एक वे जो किसी न किसी का अनुसरण करते हैं, और दूसरे वे जो किसी का भी अनुसरण नहीं करते अर्थात अपने मन मर्जी जीवन जीते हैं । वैसे यदि सूक्ष्म रूप में समझा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी का अनुसरण तो करता ही है, भले ही चाहे वह अपने मन का ही क्यों ना हो । हमारी इस चर्चा का केवल एक ही उद्देश्य है यह जानना कि आप जिसका भी अनुसरण करते हो , क्या आप उसे पूर्ण रूप से जानते हो या नहीं । या फिर केवल अंधविश्वास या कुछ भौतिक लाभ के लिए अनुसरण करते हो । नीचे कुछ विषय दिए जा रहे हैं अपनी समझ अनुसार इन चार प्रश्नों के अंतर्गत इनका व्याख्यान करें ।
१- आपके द्वारा चुने गए विषय की परिभाषा ?
२- विषय का ज्ञान क्यों आवश्यक है ?
३- जानने वालों को लाभ एवं न जानने वालों को किस प्रकार की हानि होती है ?
४- सत्यापन एवं सत्यापन का प्रकार ?
१- स्वयं,
२- साधक,
३- सद्गुरु,
४- ईश्वर
५- नैतिक ज्ञान और संस्कार
६- आस्तिक और नास्तिक
७- भाग्य और कर्म
८- धर्म और राजनीति
९- विज्ञान और अध्यात्म
१०- अंधविश्वास और ज्ञान
११- भक्ति और कर्म
१२- सबके लिए एक नियम या श्रेणी अनुसार सबके लिए अलग-अलग नियम
१३- वैदिक संस्कृति या पाश्चात्य संस्कृति
१४- वैदिक संस्कृति में किस संप्रदाय का अनुसरण करते हैं
ऋषि Agyey ~ 🧘
"Spiritual Mentor and Motivator"
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