Thursday, November 21, 2024

कार्यक्रम प्रसारण


प्रिय आत्मन् 
हमारे अब तक के शोध एवं अनुभव में यह बात आई कि
जीवन में जितना भी राग द्वेष, कलह क्लेश और असंतुलन है , वह मूल ज्ञान न होने के कारण ही है । इसकी सत्यता जांचने के लिए दिन में कभी भी 5 मिनट का समय निकालकर यह प्रयोग कर सकते हैं । आंख बंद करके शांत होकर 5 मिनट के लिए बैठे , इस समय अवधि के बाद मनन करें कि इन 5 मिनटों में आपको क्या अनुभूति हुई ? 

१- सुख और आनंद की अनुभूति ?
२- असंतुलित मानसिक विचारों की अनुभूति ?
३- मूर्छा अवस्था अर्थात कोई अनुभूति नहीं 

सही परिभाषा सही ज्ञान, जिसका परिणाम है सुखी निश्चिंत जीवन ! इसी प्रकार गलत परिभाषा गलत ज्ञान, जिसका परिणाम है अपूर्ण इच्छाएं दुखी ,क्लेश युक्त जीवन" ।

ध्यान दें- यदि हमारा जीवन सुख और आनंद में नहीं है तो इसका सिर्फ एक ही कारण है कि हमने जीवन में सही ज्ञान ग्रहण नहीं किया , अर्थात हम मूल विषयों को भूलकर अपने
जीवन के मूल उद्देश्य से भटक चुके हैं । 

हमारा कार्यक्रम एक छोटा सा प्रयास है कि हम सभी जीवन के मूल विषयों को जाने और समझे , जिससे हम सुखी और निश्चिंत जीवन जी सकें ।

प्रश्नोत्तरी में भाग लेने से पहले यह सुनिश्चित करें कि मूल विषयों के उत्तर हम सभी को चार प्रश्नों के अंतर्गत क्या ,क्यों ,लाभ ,हानि आना चाहिए ।
१- क्या अर्थात परिभाषा 
२- क्यों अर्थात कारण 
३- जीवन में होने से लाभ और 
४- जीवन में न होने से हानि

लिंक ओपन करें और अपनी समझ और रूचि अनुसार दिए गए विकल्पों को चिन्हित करके जमा करें ।

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