Tuesday, June 25, 2024

समाजशास्त्र का ज्ञान

भौतिक संसार क्या है ?
भौतिक संसार का मतलब उन चीज़ों से है जिन्हें कोई व्यक्ति देख, सुन, सूंघ, स्पर्श या स्वाद ले सकता है. भौतिक संसार में ऐसे नियम निर्धारित हैं जो यह तय करते हैं कि चीज़ें कैसे काम करती हैं. क्योंकि भौतिक ज्ञान तर्क और प्रमाण आधारित रहता है , इसलिए हम यहां बताई गई बातों पर विश्वास कर सकते हैं 

समाजशास्त्र क्या है ?
यह सामाजिक विज्ञान की एक शाखा है, जिसका ध्येय सामाजिक कल्याण के अनुसरण में ऐसे ज्ञान को लागू करना होता है। जो व्यक्ति के संपूर्ण विकास के लिए उपयोगी हो ।

समाजशास्त्र अध्ययन का क्या उद्देश्य है ?
समाज शास्त्र विशुद्ध विज्ञान है क्योंकि इसका सम्मुख उद्देश्य मानव समाज से संबंधित सामाजिक घटनाओं का अध्ययन, विश्लेषण एवं निरूपण कर ज्ञान का संग्रह करना है ।

समाजशास्त्र का ज्ञान क्यों आवश्यक है ?
समाजशास्त्र का मुख्य लाभ मनुष्यों और हमारे द्वारा बनाए गए समाजों की जटिल और भ्रमित करने वाली प्रकृति की बेहतर समझ प्राप्त करना है। सामाजिक व्यवहार का अध्ययन करके, आप तुलना करने, मुद्दों को हल करने और समाज के कुछ अधिक नकारात्मक लक्षणों की तर्कसंगत समझ हासिल करने में सक्षम होंगे।

रूढ़िवाद क्या है ?
यह सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत एक ऐसी विचारधारा है जो पारंपरिक मान्यताओं का अंध अनुकरण बिना तार्किकता या वैज्ञानिकता के आधार पर करती है । 

ध्यान दें कि -
रूढ़िवाद , मान्यताएं, मर्यादा , संस्कार, नियम, कानून में हम सबको स्पष्ट अंतर ज्ञात होना चाहिए। क्योंकि पुरानी मान्यताएं यदि तोड़ दी जायें तो इसके कोई‌ दुष्परिणाम नहीं आयेंगे,

- यदि मर्यादा और संस्कार छोड़ दिए जाएं तो हमारा पतन धीरे-धीरे होता है ।

- नियम तोड़ने पर थोड़ी बहुत सजा मिलती है ।

- यदि ब्राह्माण्ड के नियम और क़ानून नहीं मानेंगे तो जीवन नर्क हो जायेगा ।

इसीलिए कहा गया है कि -
सही परिभाषा सही ज्ञान जिसका परिणाम है सुखी निश्चिंत जीवन।और गलत परिभाषा गलत ज्ञान जिसका परिणाम है अपूर्ण इच्छाएं, क्लेश युक्त दुखी जीवन।




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