प्रिय आत्मन्
हमने ज्योतिष विश्लेषण द्वारा यह जाना कि हम अपने जीवन में जो भी पाप पुण्य कर्म करते हैं वे सब हमें अपने सगे संबंधी, रिश्तेदार एवं गुरु के रूप में प्राप्त होते हैं । क्योंकि प्रत्येक संबंधी और रिश्तेदार हर एक ग्रह का सूचक है और वह समय आने पर हमें लाभ या हानि आवश्यक देगा ।
स्वयं मूल्यांकन करें कि इस पर कितने लोगों के हस्ताक्षर करवा सकते हैं 👆 अर्थात हमारे साथ किन-किन ऊर्जाओं का साथ है । वे शुभ फलदायक है या अशुभ फल दायक ।
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👉पीड़ित ग्रहों के लक्षण
1. सूर्य - आपके कार्य का श्रेय सदैव किसी और को मिलता है।
2. चंद्र - लाख ठीक करने के बाद भी घर के नल से पानी टपकता रहता है।
3. मंगल - आप हमेशा थका हुआ महसूस करते हैं।
4. बुध - आपके लिखने में बार-बार गलती होती है।
5. गुरु - घर में मेहमान नहीं आते अथवा शुभ कार्यों में बाधा आती है।
6. शुक्र - आपका बिस्तर हमेशा बिखरा रहता है।
7 शनि - आपके जूते चप्पल गंदे व फटे हुए रहते हैं।
8. राहु - आप अच्छी बातें भी ऊंची आवाज में और गुस्सा करके बोलते हैं।
9. केतु - आप दूसरों की चुगली उसके पीठ-पीछे करते हैं।
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