प्रिय आत्मन्
सभी ने अपने जीवन में प्रश्नों का महत्व तो समझ लिया होगा । आज हम समझेंगे कि प्रश्न कैसे करें ? वैसे तो प्रश्न का सीधा साधारण नियम है कि जब भी हमारे मन में कोई प्रश्न या जिज्ञासा उत्पन्न हो तो उसके निवारण के लिए हमें अपने गुरु के पास ही जाना चाहिए ( गुरु जो श्रोत्रिय ब्रह्म निष्ठ हो ) फिर भी यदि आपके गुरु नहीं है तब यह चीज आपके लिए थोड़ी सी मुश्किल होगी । करण की आपको आपके विषय के गुरु खोजना पड़ेंगे ।तो स्वयं मूल्यांकन करें कि हमारे प्रश्न भौतिक जगत से संबंधित हैं, धार्मिक जगत से संबंधित है या आध्यात्मिक जगत से संबंधित है । इसके साथ ही यह भी निश्चित कर लें, कि हमें सिर्फ जानकारी चाहिए या अपने शंकाओं का समाधान करना है ।
( क्योंकि सिर्फ जानकारी के लिए तो हमारे गूगल बाबा पहले से ही मौजूद है ) । तब जाकर उस विषय से संबंधित व्यक्ति से ( जिस पर आपको विश्वास हो ) अपनी शंकाओं का समाधान अवश्य करें । ध्यान दें समय बहुत कीमती है इसलिए अपना और किसी का भी समय बर्बाद ना करें । धन्यवाद । 🙏
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