प्रिय आत्मन्
कोई भी प्रश्न कर्ता जब तक किसी भी मान्यता में बंधा हुआ है तो हो सकता है की वह सही तथ्य तक ना पहुंच पाए ।
उपयोगिता के आधार पर किस की बात मानने योग्य है
१- सद्गुरु - इन्हें अनुभव आधारित ज्ञान प्राप्त होता है, इनकी बात मानने से हमें कोई भी भौतिक लाभ नहीं होता है । इनकी बात मानने से सिर्फ आत्म कल्याण होता है ।
२- गुरु - इन्हें अनुभव आधारित ज्ञान प्राप्त होता है, इनकी बात मानने से हमें ८१% से ९८% लाभ होता है ।
३- विशेषज्ञ - इन्हें अनुभव आधारित ज्ञान प्राप्त होता है, इनकी बात मानने से हमें ४१% से ८०% लाभ होता है।
४- सामाजिक लोग - इन्हें अनुभव आधारित ज्ञान प्राप्त होता है, इनकी बात मानने से हमें ३०% से ४०% लाभ होता है।
५- मनमानी - केवल सुनी सुनाई बातों को आधार मानकर मनमानी किया गया कार्य हमारे पतन का मार्ग खोलता है।
👉किसी भी प्रकार का ज्योतिष परामर्श लेने से पहले कुछ बिंदुओं पर अवश्य ध्यान दें ।
१- क्या आपको ज्योतिष , वास्तु ,अथवा मुहूर्त शास्त्र का प्रारंभिक ज्ञान है ?
२- क्या आप जीवन के प्रत्येक शुभ कार्यों में मुहूर्त का विशेष ध्यान रखते हैं ? या फिर अपनी सुविधा अनुसार कार्य करते हैं,
३- क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष अथवा मुहूर्त शास्त्र किस सिद्धांत पर कार्य करता है ?
४- क्या आप जानते हैं कि जो लोग ज्योतिष, वास्तु , मुहूर्त के अनुसार कार्य करते हैं उन्हें क्या लाभ होता है ?
५- क्या आप जानते हैं कि जो लोग ज्योतिष, वास्तु ,मुहूर्त के अनुसार कार्य नहीं करते उन्हें क्या हानि होती है ?
आइये कुछ प्रश्नोत्तरी के माध्यम से समझते हैं कि ज्योतिष अथवा मुहूर्त शास्त्र से मानव जाति को क्या लाभ है
१- ज्योतिष क्या है ?
ज्योति का अर्थ होता है प्रकाश और ज्योतिष का अर्थ होता है ज्योति पिंडों का अध्ययन। ज्योतिष शास्त्र का अर्थ प्रकाश वाले पिंडों की गतिविधियों को बताने वाला शास्त्र। इसमें मुख्य रूप से ग्रह, नक्षत्र आदि के स्वरूप, संचार, परिभ्रमण काल, ग्रहण और स्थिति संबधित घटनाओं का निरूपण एवं शुभाशुभ फलों का कथन किया जाता है |
२- ज्योतिष में जन्म समय जन्म स्थान का क्या महत्व है ?
व्यक्ति के जन्म का जन्म स्थान और जन्म समय यह बिंदु दर्शाता है कि जीवात्मा किन कर्मबीजों,प्रारब्धों व संस्कारों को लेकर किन और कैसे उर्जा -प्रवाहों के मिलन बिंदु के साथ जन्मी है | जन्म का क्षण इस विराट ब्राह्मंड में व्यक्ति को व उसके जीवन को एक विशेष स्थान देता है । यह कालचक्र में ऐसा स्थान होता है जो सदा अपरिवर्तनीय है और इनके मिलन के क्रम के अनुरूप ही सृष्टि, व्यक्ति, जंतु, वनस्पति, पदार्थ, घटनाक्रम इत्यादि जन्म लेते हैं इसी क्रम में उनका विलय-विर्सजन भी होता है ।
३- वास्तु शास्त्र क्या है ?
ज्योतिष शास्त्र की तरह वास्तु शास्त्र का ज्ञान भी हमारे ऋषि मुनियों की देन है । किसी भी प्रकार के भवन, दुकान, कोठी, फ्लैट आदि निर्माण में पांचो तत्वों का विशेष ध्यान रखा जाता है।अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल एवं आकाश‘। इन पांचो तत्वों का दिशाओं के अनुसार समन्वय करना ही वैज्ञानिक रूप से ‘वास्तु‘ कहलाता है।
४- मुहूर्त क्या है ?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी कार्य को आरम्भ करने की "शुभ घड़ी" को कहने मुहूर्त कहते हैं। एक मुहूर्त लगभग दो घड़ी के या 48 मिनट के बराबर होता है।
५- सही मुहूर्त में काम क्यों आवश्यक है ?
सही मुहूर्त चुनने से काम ब्रह्मांडीय प्रवाह के साथ जुड़ जाता है, जिससे सफलता की संभावना बढ़ जाती है और बाधाएं कम हो जाती हैं ।
६- एक दिन में कितने मुहूर्त होते हैं ?
सूर्योदय से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक के समय को एक दिन माना जाता है, जोकि 24 घंटे का होता है. एक दिन में 30 मुहूर्त होते हैं और हर मुहूर्त 48 मिनट का होता है.
७- शुभ और अशुभ मुहूर्त का ज्ञान कैसे होता है ?
९ ग्रहों की २७ नक्षत्र के अंतर्गत चाल से इन मुहूर्त में शुभ और अशुभ योग का निर्माण होता है ! इसलिए कहा जाता है कि, शुभ मुहूर्त में ही किए कामों से व्यक्ति को सफलता मिलती है ।
८- जो ज्योतिष, वास्तु , मुहूर्त अनुसार कार्य करते हैं उन्हें क्या लाभ है ?
इनके अनुसार काम करके हम एक संभावना पैदा करते हैं की प्रकृति के प्रवाह से जुड़ सके, क्योंकि प्रकृति परमात्मा से जुड़ी है, इस प्रकार हम नियमों का पालन करके परमात्मा से जुड़ सकते हैं ।
९- जो ज्योतिष, वास्तु ,मुहूर्त अनुसार काम नहीं करते अर्थात मनमानी काम करते हैं उन्हें क्या हानि है ?
ऐसे लोग नियति द्वारा स्वचालित हैं और अपने प्रारब्ध की ओर आगे बढ़ रहे हैं , मनमानी किया हुआ कार्य हमें हमारे प्रारब्ध तक पहुंचना है ।
१०- मुहूर्त की सटीक जानकारी कहां से प्राप्त करें ?
पारंपरिक पंडित जी से इस बारे में सटीक जानकारी मिल सकती है ,जो पत्रा और जंत्री अपने पास रखते हो । या फिर
गूगल पर बहुत सी प्रमाणिक साइट उपलब्ध हैं जहां इसका सटीक विवरण मिल जाता है ।
👉 Please copy and open this link- https://www.mpanchang.com/muhurat/choghadiya/
११- पुण्य का नाश क्यों करती है ब्रह्म मुहूर्त की निद्रा ?
सफलता के लिए ब्रह्म मुहूर्त के महत्व को समझना जरूरी है. इसे शुभ मुहूर्त माना गया है, जिसमें किए गए कामों से सफलता मिलती है. मान्यता है कि इस समय वायु में अमृत धारा प्रवाहित होती है ।
१२- ज्योतिष अक्सर विफल क्यों हो जाता है ? क्या मुझे अब भी इस पर विश्वास करना चाहिए ?
ज्योतिष अपने आप में शुद्ध है। समस्या अभ्यासकर्ताओं के साथ है , वे आम तौर पर वेदों से अलग होकर ज्योतिष का अभ्यास करते हैं , जो मेरे दृष्टिकोण में सबसे बड़ा दोष है। ज्योतिष का मतलब भविष्यवाणी करना नहीं है, बल्कि उन संभावनाओं के बारे में बताना है कि कौन सा कर्म किस विधि से किया जाए कि हमें शुभ परिणाम की प्राप्ति हो और किस कर्म को करने के लिए हम कितने स्वतंत्र हैं ।
ध्यान दें कि यदि आपने हमारे द्वारा आयोजित शुद्धिकरण कार्यक्रम नहीं किया है तो हो सकता है कि आप को हमारे द्वारा बताई गई जानकारी से आपकी आशा के अनुसार लाभ न हो ।
अपना कीमती समय निकाल कर लेख पढ़ने के लिए
बहुत -बहुत धन्यवाद । 🙏
👉 शुद्धिकरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आवेदन करें । इसमें यदि आपको 50% या उससे अधिक अंक प्राप्त होते हैं तो कार्यक्रम के नियम अनुसार आप शामिल हो सकते हैं ।
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