लाल किताब में धर्माचरण और सदाचरण के बल पर ग्रह दोष निवारण के लिए सैकड़ों टोटके बताए गए हैं. लाल किताब के मुताबिक, अगर आप जीवन में खुशहाली पाना चाहते हैं और बुरे दिनों को अपने नज़दीक नहीं आने देना चाहते, तो लाल किताब के कुछ उपाय ज़रूर अपनाएं. लाल किताब के उपायों को श्रद्धापूर्वक कम से कम 60 दिन तक करने से आश्चर्यजनक रूप से चमत्कारी और लाभकारी परिणाम मिलते हैं.
चिड़चिड़ापन से परेशान होने पर सरसों और लाल मिर्च को लेकर अपने चारों ओर सात बार घुमाएं और फिर इसे घर से दूर जाकर जला दें.
सुबह उठकर स्नान करें और पूजा करें. आरती करते समय दीपक में दो लौंग डालें और फिर इसे पूरे घर में दिखाएं.
घर के बड़े-बुज़ुर्गों की सेवा करें.
गाय की सेवा करें.
सोमवार के दिन शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर दूध और पानी का मिश्रण चढ़ाएं.
43 दिनों तक गुड़ और गेहूं का दान दें और फिर अगले तीन सालों तक रविवार को मंदिर में दान देते रहें.
शुक्रवार के दिन घर और खुद को साफ़-सुथरा रखें, उपवास करें, घर में खुशबू के लिए इत्र या सेंट का इस्तेमाल करें, महालक्ष्मी की पूजा करें, खटाई का सेवन न करें, लक्ष्मी मंदिर जाकर 11 कमल के फूल अर्पित करें, नौ बत्तियों वाला घी का दीपक जलाएं, सफ़ेद वस्त्र का दान करें, और दो मोती बहते पानी में प्रवाहित करें.
नोट करें 50 उपाय
1- किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने अथवा यात्रा पर निकलने से पूर्व थोड़ा गुड़ खाकर पानी पीयें।
2- घर में बड़ी बुजुर्ग महिलाओं (दादी मां , चाची , बुआ आदि ) को समुचित सम्मान-सेवा द्वारा प्रसन्न रखें।
3- घर में गाय पालें और उसकी यथासंभव सेवा सुश्रुषा करें परन्तु वह गाय काले रंग की होनी चाहिए, सफ़ेद नहीं।
4- रात क सोते समय 5 कागजी बादाम को सिरहाने रखें और दूसरे दिन उन्हें ले जाकर देवमन्दिर में दान कर देवें।
5- घर में अगर गाय भैंस हो तो उसके दूध का उपयोग स्वयं करें या परिवार वाले करें। इस दूध का विक्रय किसी भी हालत में न करें।
6- गर्मी के दिनों में रास्ते पर पथिकों के लिए ठंडा जल पिने की व्यवस्था करें।
7- चांदी की दो ठोस गोलियों को अपने पास सदैव रखें।
8- तंदूर में सिकी रोटी में गुड मिलाकर पालतू कुत्तो को खिलाएं।
9- त्रिधातु (सोना+ चांदी+तांबा) से विधिपूर्वक निर्मित अभिमंत्रित पवित्री (दरिद्रता नाशक मुद्रिका )अपने दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में गुरुवार को धारण करें। यह मुद्रिका अदभुत चमत्कारी होती है।
10- चांदी की बिना जोड़ वाली अंगूठी तर्जनी उंगली में पहने रखें।
11- घर में तोता, मैना आदि को पालें या बाहर के पक्षियों को भी बुलाकर उन्हें खिलाएं पिलायें।
12- पन्ना या हीरा में से कोई एक रत्न अंगूठी में जड़वा कर धारण करें।
13- घर के किसी कोने में चांदी का एक चौकोर टुकड़ा गाड़ देवें।
14- अपने वेतन का एक निश्चित अंश पहले निकालकर तिजोरी, लॉकर या पर्स में रखें और उसे खर्च न करें।
15- प्रतिदिन स्नानादि से निवृत होकर नाभि में केसर का तिलक लगावें।
16- मंदिर में जाकर प्रतिदिन गर्भगृह या उसके परिसर में पोंछा लगाएं।
17- लाल रंग की 43 गुंजाओ को सोने के एक टुकड़े या किसी आभूषण के साथ पीले कपडे में बांधकर अपने घर में किसी पवित्र स्थान में रखें।
18- सांप को कभी ना मारे, बल्कि उसके बिल के पास जाकर, चांदी के कटोरे में दूध रखकर आवें।
19- सरसों का दीपक देवमन्दिर में जलाएं या उसकी व्यवस्था करें।
20- भोजन के पूर्व गौ ग्रास निकाल कर गाय , कौआ अथवा कुत्ते को खिलाएं।
21- गौशाला में जाकर गाय के गले में पीतल की घंटियां बांधे।
22- पत्नी के मस्तक पर स्वर्णाभूषण करवाएं।
23- प्रतिदिन घर के बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद ग्रहण करें।
24- रसोईघर के लिए उपयोगी लोहे की वस्तुओं (जैसे तवा , कढ़ाही , करछुल , छलनी आदि ) का अभावग्रस्त लोगों में दान करें।
25- कौओं और काले कुटटन को मीठी रोटी खिलाएं।
26- किसी भी पशु- पक्षी का शिकार न करें।
27- स्नान करते समय थोड़ा दूध पहले मस्तक पर रखें।
28- आप स्वयं भी कोई न कोई स्वर्णा भूषण शरीर पर अवश्य धारण करें।
29- चार सौ ग्राम धनिया बहती नदी के जल में प्रवाहित करें।
30- घर-आंगन में हरे पौधों के गमले तथा तुलसी का पौधा अवश्य रखें।
31- भोजन बन जाने के बाद चूल्हे की आग को बाहर निकालकर पानी के बजाय दूध से बुझावें।
32- एक लोटा गंगाजल से भरकर तथा उसके अंदर चांदी के दो सिक्के डाल कर बंद कर घर में रखें। (ढक्कन लगाकर)
33- रात को सोते समय सिरहाने एक गिलास में पानी भरकर रखें और सुबह उठकर बिना मुहं धोये उसे पी ले।
34- असली मूंगा रतन का एक टुकड़ा हमेशा ही सिरहाने तकिया के नीचे रखकर रात में सोये।
35- पैरों के दोनों अंगूठों में चांदी का छल्ला पहनकर रहें।
36- दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में सोने की अंगूठी धारण करें।
37- कान छिदवाकर उसमें सोने के कुण्डल धारण करें।
38- घर में कुत्ता पाले और उसकी सुख- सुविधाओं का ध्यान रखें।
39- काली चीटियों को चीनी मिश्रित आटा खिलाएं।
40- कभी किसी को धोखा देने की नीयत न रखें।
41- एक सुखा नारियल शनिवार को बहती नदी के जल में प्रवाहित करें।
42- कुंवारी कन्याओं की समय –समय पर पूजा किया करें और उन्हें दूध चावल, चांदी का दान देकर उनका आशीर्वाद लें।
43- हनुमान चालीसा या सुन्दरकाण्ड, रामायण का प्रतिदिन पाठ करें।
44- काला सुरमा खुली शीशी में रखकर किसी एकांत स्थान में जाकर जमीन में गाड़ दें।
45- प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी के मंदिर जाकर हनुमान जी की प्रतिमा को सिन्दूर का लेप लगाएं।
46- एक पैग शराब भैरों या काल भैरव के मंदिर में जाकर उन्हें अर्पित करें।
47- किसी कूप या तालाब में प्रति शनिवार को लगातार तांबे का एक सिक्का गिराएं। ध्यान रखें आपको कोई देखने न पाएं।
48- तीन अंधे व्यक्तियों को घर पर बुलाकर हर शनिवार को भरपेट खिचड़ी खिलाएं।
49- नारियल के ऊपर एक छेड़ बनाकर उसे तिल और चीनी से भर दें और एकांत स्थान पर जमीन के अंदर इस ढंग से गाड़ देवें की उसका ऊपर वाला छेड़ जमीन से कुछ ऊपर रहे वह ढकने न पावे।
50- प्रतिदिन काले कौओं क अपने भोजन में से ग्रास निकाल कर खाने को देवें।
सावधानियां :-
1.किसी भी प्रकार का व्यसन और नशा न करें। करते हों तो त्याग दें।
2.ब्याज का कार्य करते हो तो त्याग दें।
3.तेरस, चौदस, अमावस्या तथा पूर्णिमा के दिन पवित्र बने रहें।
4.दादी, सास, मां, बहन, बेटी, पत्नी, मौसी, साली और बुआ से संबंध अच्छे रखें।
5.दादा, पिता, ससुर, भाई, काका, मामा, भांजे, साले, बहनोई, भतीजे और भाई से संबंध अच्छे रखें।
6.मांस और तामसिक भोजन को त्याग दें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
गाय, कुत्ते, चींटी और पक्षियों को भोजन खिलाएं : वृक्ष, चींटी, पक्षी, गाय, कुत्ता, कौवा, आदि प्राणियों के अन्न-जल की व्यवस्था करने से इनकी हर तरह से दुआ मिलती है। इसे वेदों के पंचयज्ञ में से एक 'वैश्वदेव यज्ञ कर्म' कहा गया है। यह सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। कछुओं और मछलियों को नित्य आटे की गोलियां खिलाएं और चीटियों को भुने हुए आटे में बूरा मिलाकर बनाई पंजीरी खिलाएं।
* प्रतिदिन कौवे या पक्षियों को दाना डालने से पितृ तृप्त होते हैं।
* प्रतिदिन चींटियों को दाना डालने से कर्ज और संकट से मुक्ति मिलती है।
* प्रतिदिन कुत्ते को रोटी खिलाने से आकस्मिक संकट दूर रहते हैं।
* प्रतिदिन गाय को रोटी खिलाने से आर्थिक संकट दूर होता है।
नारियल का उतारा : शारीरिक कष्ट आने पर पानीदार एक नारियल लें और उसे जिस सदस्य पर संकट हो उसके ऊपर से 21 बार वारें । वारने के बाद उसे किसी देवस्थान पर जाकर अग्नि में जला दें । 5 शनिवार ऐसा करने से जीवन में अचानक आए कष्ट से छुटकारा मिलेगा ।
कंबल दान करें : प्रत्येक मकर संक्रांति को काला और सफेद अर्थात एक ही कंबल में यह दोनों रंग होना चाहिए। कोई तीसरा रंग नहीं होना चाहिए अर्थात दोरंगी कंबल को 21 बार खुद पर से वारकर उसे किसी मंदिर में या जरूरतमंद को दान कर दें। इससे कई तरह के फायदे होते हैं।
कर्पूर जलाना : प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्या वंदन के समय कर्पूर जरूर जलाएं। आरती या प्रार्थना के बाद कर्पूर जलाकर उसकी आरती लेने की परंपरा है।
No comments:
Post a Comment