मुझे मेरे ज्ञान के कारण हमेशा समाज और समाज के लोगों द्वारा उपेक्षित होना पड़ता है , और सबसे ज्यादा तो अपने परिवार के सदस्यों से ही उपेक्षा का सामना करना पड़ता है । जब भी मुझे अपने विषय पर बोलने का मौका मिलता तब अक्षर लोगों का यह प्रश्न राहत कि- हम तो घर गृहस्ती वाले हैं , आप जैसे साधु सन्यासी तो है नहीं । क्या आपका ज्ञान किसी भूखे का पेट भर सकता है ? तब तो आपके ज्ञान की सार्थकता है , वर्ना हम ऐसे ज्ञान का क्या करेंगे ? इसी के साथ और भी एसे ही ना जाने कितने प्रश्नों की बौछार हम पर एक साथ प्रारंभ हो जाती है, ऐसी स्थिति में किसी के प्रश्नों का उत्तर दे पाना वर्तमान समय में संभव नहीं रहता । जिस बात को समझने में मुझे 20 साल लगे उसे मैं घंटे भर में कैसे समझ सकता हूं ।
अज्ञेय 🌷
सोचने वाली बात यह है कि भूखे व्यक्ति के पास यह विकल्प नहीं रहता कि वह क्या खाएं क्या ना खाएं , वह तो सबसे पहले जो मिल जाए उससे अपना पेट भरने की सोचता है । और यदि वह मनपसंद भोजन के बारे में सोच रहा है तो फिर वह व्यक्ति भूखा नहीं होगा ।
इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए एक मूल्यांकन की श्रेणी बनाई गई है जिसके द्वारा हमें यह ज्ञात होता है कि हम भौतिकवादी हैं, अध्यात्मवादी हैं , या फिर धार्मिक है ।
यह तीनों श्रेणियां अलग-अलग हैं और तीनों श्रेणियां के लोगों
गुण और दोष भी पाए जाते हैं ।
समाज में सबके आत्म कल्याण के लिए बहुत से मार्ग हैं जिनमें गृहस्थ ,ज्ञान योग , कर्म योग , भक्ति योग ,क्रिया योग ,राजयोग सहज राजयोग , शामिल हैं। जिनमें से हमें अपनी सुविधा रुचि और क्षमता अनुसार कोई एक मार्ग अवश्य चुनना चाहिए । यदि हमें अपने गुरु और परंपरा के बारे में ज्ञान नहीं है तो हम अभी मूर्छा में जी रहे हैं ।
👉 ध्यान दें की लक्ष्मी और शक्ति अंधी होती हैं , वे किसी के पास भी जा सकती हैं ! किंतु सरस्वती हमेशा श्रेष्ठ पुरुषों का वर्णन करती है ।
हम सबको इन प्रश्नों के उत्तर अवश्य खोजने चाहिए क्योंकि जब तक लोगों को फल ज्ञात नहीं होंगे वह आगे नहीं बढ़ते.....
१- ज्ञान का फल क्या है ?
२- कर्म का फल क्या है ?
३- भक्ति का फल क्या है ?
१- एक भौतिकवादी व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
२- एक धार्मिक व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
३- एक आध्यात्मिक व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
१- एक सात्विक व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
२- एक राजसिक व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
३- एक तांत्रिक व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
१- एक मूर्छा में जी रहे व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
२- एक कल्पना में जी रहे व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
३- एक चैतन्य व्यक्ति के जीवन का क्या उद्देश्य है ?
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