ब्रह्मा जी ने अपनी खुद की पुत्री सरस्वती से विवाह क्यों किया |
ये एक ऐसा अंधविश्वास वाला सवाल है जिसका उपयोग अधिकांश तौर पर वामपंथी या फिर दूसरे मजहब के लोग करते है ताकि वे सनातन धर्म का मज़ाक़ उड़ा सके |
अगर आप उनको यह बात साबित करने को कहे तब उनके तोते उड़ जाते हैं |
अगर आप भी उन वामपंथी एवं मज़हबी लोगों में से हैं तो आप एक पढ़े लिखें मुर्ख के अलावा और कुछ भी नहीं | क्यूकी एक पढ़ा लिखा व्यक्ति प्रमाण (सबुत) मांगता हैं |
ख़ैर छोड़िये |
मैं स्वयं को हिन्दु नहीं बल्कि एक सनातनी [सनातन धर्म का] समझता हूँ जो तर्क पर विश्वास रखता है क्युकि सनातन धर्म का आधार ही तर्क हैं |
भारतीय संस्कृति के अनुसार परमात्मा एक हैं जो समस्त बर्ह्मांड का स्वामी हैं | परमात्मा के अनेक गुणवाचक नाम है जिसमे तीन प्रमुख है जैसे ब्रह्मा, बिष्णु, महेश |
परमात्मा के अन्य नाम और भी है जैसे सरस्वती, गणेश, वरुण, शिव, रूद्र, काली, इत्यादि | अगर आप परमात्मा के और भी नाम जानना चाहते है तो आप बिष्णु सहस्त्र्नाम पढ़ सकते है | Wikipedia
परमात्मा के इतने नाम उनके गुणों के आधार पर दिया गया है | क्यूकी इस प्रश्न में ब्रह्मा और सरस्वती का उल्लेख हुआ हैं इसलिए हम इन दोनों गुणों के बारे में समझेंगे |
ईश्वर ने ही इस समस्त ब्रह्माण्ड का रचना किया है इसलिए ईश्वर का नाम ब्रह्मा हैं | इस संसार का कोई भी तत्व निराकार या साकार उनसे अलग नहीं हैं |
ईश्वर सभी विद्वान का भी विद्वान है अर्थात संसार में उनसे ज्यादा ज्ञानी और कोई भी नहीं है | विद्वानो का विद्वान होने के कारण ईश्वर का नाम सरस्वती हैं |
हमारे देश के ऋषि मुनिओं ने ईश्वर के नियमों का वर्णन वेद में किया है | इसलिए वेद का अर्थ होता है ज्ञान (Knowledge) | और ज्ञान की देवी सरस्वती को समझा जाता है |
वैदिक पुस्तकों में ब्रह्मा और सरस्वती को दाम्पत्य कहा गया है | दाम्पत्य जीवन का अर्थ होता है पति-पत्नी का जीवन जिसमे वह अपनी पुरी ज़िन्दगी साथ-साथ रहते है |
ईश्वर [ब्रह्मा] से ज्यादा विद्वान संसार में और कोई भी नहीं है | ईश्वर आदि है इसीलिए उनका ज्ञान [सरस्वती] भी सनातन है | ईश्वर और उनका ज्ञान अदि सृष्टि से है और सदैव रहेगा |
इसलिए इससे ये स्पष्ट होता है की यहाँ वेद को ब्रह्मा और उसमे अंकित ज्ञान को सरवस्ती कहा जा रहा है | क्युकि ईश्वर का ज्ञान सनातन [जो प्रारम्भ से है और सदैव रहेगा |] है |
ये तो रही सठिक बाते जो मैंने कई वर्षो की परिश्रम से जाना है | अगर आपको मेरा जवाब पसंद आया तो लाईक करना ना भूले | मैंने ये सब ज्ञान दादाजी श्री सत्यनारायण सिंह जी [जो की मेरे पड़ोसी हैं | ] प्राप्त करा है जो २० वर्षो से संस्कृत का अध्यन कर रहे है |
हालांकि ब्रह्मा का एक अर्थ हमारा Milky Way भी है | भागवत गीता के chapter नंबर 8 और verse नंबर 17 में जिस ब्रह्मा का उल्लेख मिलता है उसका अर्थ Milky Way है | इस Endless Universe में सेकड़ो ब्रह्मा अर्थात Milky Way है जिसकी आयु 31,10,40,00,00,00,000 human years माना गया हैं | इसका प्रमाण आप नीचे दी गयी भागवत गीता के श्लोक में देख सकते है
सहस्रयुगपर्यन्तमहर्यद्ब्रह्मणो विदुः।
रात्रिं युगसहस्रान्तां तेऽहोरात्रविदो जनाः।।8.17।।
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