*🌹प्रतिदिन की पूजा में यह सभी मंत्र पढ़ने चाहिये।🌹*
*पूजा शुरू करने से पहले यह मंत्र पढ़ें।*
ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोअपी वा !
यः स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यांतर: शुचिः !!
अतिनिल घनश्यामं नलिनायत लोचनं !
स्मरामि पुण्डरीकाक्षं तेन स्नातो भवाम्यहम !!
*गणेश भगवान का ध्यान करते हुये।*
ॐ गजाननं भूत गणाधिसेवितं कपित्थ जम्बूफल चारु भक्षणम् ।उमासुतं शोक विनाश कारकम् नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥
*विष्णु भगवान स्तुति*
*ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय*
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगि भिर्ध्या नगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकै कनाथम्।।
*श्रीकृष्ण स्तुति*
कस्तुरी तिलकम ललाटपटले, वक्षस्थले कौस्तुभम।
नासाग्रे वरमौक्तिकम करतले, वेणु करे कंकणम।।
सर्वांगे हरिचन्दनम सुललितम, कंठे च मुक्तावलि।
गोपस्त्री परिवेश्तिथो विजयते, गोपाल चूडामणी।।
मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरिम्।
यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम्।।
*श्रीराम वंदना*
लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये।।
*त्रिदेवों के साथ नवग्रह स्मरण।*
ब्रह्मा मुरारि त्रिपुरान्तकारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र: शनिराहुकेतव: कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्।।
*आरती के बाद यह मंत्र*
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्र हारम्।
सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानी सहितं नमामि।।
*पूजा के अंत में शांति पाठ*
ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्ण मुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवाव शिष्यते।।
ॐ द्यौ: शान्ति रन्तरिक्ष गु शान्ति:,
पृथिवी शान्तिराप: शान्ति रोषधय: शान्ति:।
वनस्पतय: शान्ति र्विश्वे देवा: शान्ति र्ब्रह्म शान्ति:,
सर्व गुं शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्ति रेधि।।
।।ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:।।
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