जिन लोगों की कुंडली में प्रथम भाव सोया हुआ हो, उन्हें इस घर को जगाने के लिए मंगल का उपाय करना चाहिए। इसके लिए मंगलवार का व्रत करें। मंगलवार के दिन हनुमानजी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और वह प्रसाद बांटें। मूंगा धारण करने से भी प्रथम भाव जागता है।
यदि कुंडली का दूसरा घर सोया हुआ हो तो चंद्रमा से संबंधित उपाय करना चाहिए। इसके लिए चांदी की अंगूठी, पेंडेंट या अन्य कोई आभूषण पहनना चाहिए। माता की सेवा करने और उनके सुखों का ध्यान रखने से यह घर जागृत हो जाता है। मोती धारण करने से भी लाभ मिलता है।
तीसरे घर को जगाने के लिए बुध का उपाय किया जाता है। बुध के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
चौथे घर में यदि कोई ग्रह नहीं है तो चंद्र से संबंधित उपाय करें। सोमवार को साबूदाने की खीर का प्रसाद वितरण करें।
पांचवें घर को जगाने के लिए सूर्य का उपाय करना फायदेमंद होता है। इसके लिए नियमित आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ एवं रविवार के दिन लाल भूरी चीटियों को आटा, गुड़ देने से सूर्य की कृपा प्राप्त होती है।
छठे घर को जगाने के लिए राहु का उपाय करना चाहिए। जन्मदिन से आठवां महीना शुरू होने पर पांच महीनों तक बादाम मंदिर में चढ़ाएं, जितना बादाम मंदिर में चढ़ाएं उतना वापस घर में लाकर रख दें।
सातवें घर को जगाने के लिए शुक्र को जगाना होता है। शुक्र को जगाने के लिए आचरण की शुद्धि सबसे आवश्यक है। स्त्रियों का अपमान न करें। किसी से दुर्व्यवहार न करें।
आठवें घर को जागृत करने के लिए चंद्रमा से जुड़े उपाय किए जाते हैं। इसके लिए चांदी का कोई आभूषण पहन रखें या अपने जेब में चांदी की ठोस गोली रखें।
नवम भाव सोया हो तो गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति सोना पहनकर रखे या मस्तक पर केशर का तिलक करे। इन उपाय से गुरु प्रबल होता है और नवम भाव जागता है।दशम भाव को जागृत करने के लिए शनिदेव का उपाय करना चाहिए। शनिवार के दिन हनुमान जी के दर्शन करें। शनि से संबंधित दान करें।एकादश भाव को जगाने के लिए के लिए गुरु को प्रसन्न् करना आवश्यक है। गुरुवार के व्रत करें। गाय को केला खिलाएं। गुरुवार को चंदन का तिलक लगाएं।यदि किसी जातक की कुंडली का बारहवां भाव सोया हुआ है तो घर में कुत्ता पालना चाहिए। पत्नी के भाई की सहायता करनी चाहिए।
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